बुधवार, 23 जुलाई 2014

कठपुतली का खेल



















( चित्र http://vichitrapedia.com से साभार )

यहाँ होता क्या है 
बस एक कठपुतली का खेल 
कई मुखौटे हैं 
सभी के पास 
अपने लिये 
अलग अलग
एक दूसरे से जुड़ने के लिये
कुछ धागे हैं 
आप मुखौटा हटाइये 
धागा टूट जाएगा 
ये कठपुतली का खेल है 
थोड़े वक़्त बाद
खेल खत्म होता है 
कठपुतली चलानेवाला सामने है 
बिना क़िसी मुखौटे के 
अब माहौल में 
बस तालियों की गूंज है

1 टिप्पणी:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 22 अक्टूबर 2016 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद! .

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